सहयोगी परियोजनाएं

    

     

महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ, राहुरी, महाराष्ट्र में खेत पर किए गए प्रयोग

     

युनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर साइन्सेस, जी.के.वी.के. धारवाड, कर्नाटक में खेत पर किए गए प्रयोग

          

जवाहर लाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, झेड.ए.आर.एस खरगांव, मध्य प्रदेश में खेत पर किए गए प्रयोग

         

कृषि अनुसंधान स्टेशन, अन्नकापल्ली, आंध्र प्रदेश में खेत पर किए गए प्रयोग

 

           

पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला, महाराष्ट्र में खेत पर किए प्रयोग

 

 

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गुजरात कृषि विश्वविद्यालय, आनंद, गुजरात में खेत पर किए गए प्रयोग

1. नाशक जीव के प्रकोप की पूर्व-चेतावनी के लिए मौसम आधारित नाशक जीव माडलों का विकास

कृषि मौसम विज्ञान प्रभाग, भारत मौसम विज्ञान विभाग, पुणे द्वारा विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों एवं संस्थाओं के साथ सहयोग में नाशक जीव प्रेक्षण रिकार्ड करना प्रस्तावित है ।
ऐसे सहयोगों का मुख्य उद्देश्य देश में उगायी जाने वाली प्रमुख फसलों के महत्वपूर्ण नाशक जीवों के प्रकोप को लिए मौसम आधारित चेतावनी माडल विकसित करना है ।

सेक्स फैरोमन ट्रैप्स (पाश) और ल्यूर्स (लुभावना चारा) के उपयोग से नाशक जीव प्रेक्षण रिकार्ड करने का प्रस्ताव है ।

वर्तमान में देश के लगभग 23 सहयोगी कृषि विश्वविद्यालयों एवं संस्थाओं पर खेतों में प्रयोग किए जा रहे हैं ।

फसल को नाशक जीव आक्रमण से बचाने के लिए समय पर पौध सुरक्षा उपाय करने के लिए मौसम – नाशक जीव माडल विकसित करने हेतु नाशक जीव प्रेक्षण रिकार्डिंग के लिए प्रभाग और अधिक सहयोग करना चाहता है ।

प्रभाग द्वारा आवश्यक ट्रैप्स, ल्यूर्स के साथ ट्रैप्स लगाने के अनुदेश भी आपूर्तित किए जाएंगे ।

कृषि विश्वविद्यालय जिनके साथ सहयोग चल रहा है

  • महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ, राहुरी, जिला अहमदनगर, महाराष्ट्र
  • युनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर साइन्स, जी.के.वी.के., धारवाड, कर्नाटक
  • एस.वी. एग्रीकल्चर कालेज, तिरुपती, आंध्र प्रदेश
  • केरल कृषि विश्वविद्यालय, प्रादेशिक कृषि अनुसंधान स्टेशन, मेले – पट्टाम्बी, केरल
  • असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहाट, असम m
  • केरल कृषि विश्वविद्यालय, कालेज आफ हार्टिकल्चर, थ्रिसूर
  • डा. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला
  • तमिलनाडू कृषि विश्वविद्यालय, कोइम्बत्तूर, तमिलनाडू u
  • गुजरात कृषि विश्वविद्यालय, आनंद, गुजरात
  • जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान स्टेशन, खरगांव, मध्य प्रदेश
  • बिधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय (बी.सी.के.वी.), कल्याणी, पश्चिम बंगाल
  • कृषि अनुसंधान संस्थान, बंगलौर कर्नाटक
  • कृषि अनुसंधान स्टेशन, माडेल फार्म, तमिलनाडू कृषि विश्वविद्यालय, कोविलपट्टी, तमिलनाडू
  • कृषि अनुसंधान स्टेशन, अन्नकापल्ली, आंध्र प्रदेश
  • केन्द्रीय मृदा एवं जल संरक्षण तथा प्रशिक्षण संस्था आग्रा, उत्तर प्रदेश
  • गुजरात कृषि विश्वविद्यालय, तारगडिया, राजकोट, गुजरात
  • मराठवाडा कृषि विश्वविद्यालय, परभणी
  • केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्था, कर्नाल हरियाणा
  • शुष्क भूमि खेती के लिए अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना, महात्मा फले कृषि विद्यापीठ, सोलापुर

  • स्वचालित मौसम स्टेशन
    स्वचालित मौसम स्टेशनों में संवेदक

 

 

  

2. स्वचालित मौसम स्टेशनों की स्थापना :

यह प्रभाग देश के विभिन्न कृषि जलवायवी क्षेत्रों में स्वचालित मौसम स्टेशनों की स्थापना कर रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख फसल खेत में विभिन्न मौसम विज्ञानी / कृषि मौसम विज्ञानी प्राचलों को रिकार्ड करना है । इनसे उत्पन्न आंकडों का प्रयोग देश के कृषि समुदाय के लिए कृषि मौसम परामर्श बुलेटिन बनाने हेतु विभिन्न कृषि मौसम विज्ञानी उत्पादन विकसित करने के लिए किया जाएगा ।