वर्षा का प्रसंभाव्यता विश्लेषण

कृषि मौसम विज्ञान प्रभाग की अनुसंधान गतिविधियों पर वापसी के लिए

 

विभिन्न प्रसंभाव्यता स्तरों (10-90 प्रतिशत) पर वर्षा की मात्रा आश्वासित वर्षा कहलाती है जो उचित अपूर्ण गामा वितरण माडल द्वारा प्रत्येक मानक सप्ताह के लिए परिकलित किया जाता है । विभिन्न प्रसंभाव्यता स्तरों पर आश्वासित वर्षा की सारणियां बनाई गई है । वर्षा प्रतिरुपों की पहचान, किसी समयावधि दौरान आश्वासित वर्षा मूल्यों में शिखर और द्रोणियों के आधार पर होती है । एक जैसे प्रतिरुप दर्शाने वाले क्षेत्रों की पहचान आश्वासित वर्षा क्षेत्रों के रुप में होती है । इस आधार पर भारत के शुष्क खेती पट्टे को सात संगामी वर्षा प्रतिरुप क्षेत्रों में विभाजित किया गया है । गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडू राज्यों के समांगी वर्षा प्रतिरुप क्षेत्रों को भी तालुका स्तर आंकड़ों के उपयोग से चित्रित किया गया है ।