बुवाई तिथियां

कृषि मौसम विज्ञान प्रभाग की अनुसंधान गतिविधियों पर वापस

कृषि जलवायवी जानकारी पर वापसी

1901 के आगे से दैनिक वर्षा आंकड़ां उपयोग द्वारा महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश राज्यों हेतु बुवाई के लिए इष्टतम तिथियों का निर्धारण किया गया है । इस प्रकार की जानकारी बुवाई संक्रियाओं के लिए सर्वोत्तम अवधि, जल संरक्षण उपाय तथा उचित शस्य पद्धति का विकास तय करने में सहायक है ।

किसी भी कृषि संक्रिया में बुवाई तिथियों का सही निर्धारण सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है । इसीलिए भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा प्रकाशनों के रुप में विभिन्न राज्यों के लिए जलवायु के इस विशिष्ट पहलु पर वैज्ञानिक आधार पर विस्तृत जानकारी प्रदान करना आरंभ किया गया है । वर्तमान प्रकाशनों की इस श्रंखला में अब गुजरात राज्य है ।

गुजरात में बुवाई संक्रियाएं आरंभ करने के लिए आदर्श तिथियां परिकलित की गई जो 80 वर्षों (1901 – 1990) के लिए दैनिक वर्षा वितरण पर आधारित है । राज्य में लगभग सभी जलवायवी, मृदा और शस्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 137 स्टेशनों का चयन किया गया । योग्य वर्षा मानदंडों की सहायता से बुवाई तिथियां पहचानी गई तथा उनके सांख्यिकीय लक्षणों को निकाला गया । आगे और, विभिन्न संवर्गों की अनावृष्टि ज़ोखिम के अधीन क्षेत्रों को कुछ एक परिणामों के अध्यारोपण द्वारा सीमांकित किया गया इस प्रकार मृदा मानचित्र पर प्राप्त हुआ ।

यह प्रकाशन महत्वपूर्म कृषि जलवायवी पहलुओं पर कुछ प्रकाश डालता है, उदाहरण के लिए
i) तर्कसंगत और वैज्ञानिक आधार पर कृषि योजना,
ii) अनावृष्टि के लिए अति सुभेद्य क्षेत्रों का पहचानना,
iii) अनावृष्टि – रोधक उपाय और नितियां बनाना तथा
iv) शुष्क फसलों के लिए अनुपूरक सिंचाई की पद्धति विकसित करना ।
यह आशा है कि किसानों, योजनाकर्ताओं और कृषि वैज्ञानिकों के लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी ।