शस्य पद्धति

कृषि मौसम विज्ञान प्रभाग की अनुसंधान गतिविधियों पर वापस

70 वर्षों के लिए 2000 स्टेशनों के वर्षा अभिलेखों के विश्लेषण द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेषतया भारत के शुष्क खेती पट्टे में आश्वासित वर्षा की अवधि और मात्राओं को निकाला गया है । मानसून के दौरान शुष्क दौर और नम दौर की लम्बाई, अनावृष्टि प्रवणता और कृषि जलवायवी वर्गीकरणों का भी अध्ययन कृषि जलवायवी आंकडों के साथ किया गया है । यह जानकारी निम्नलिखित कारणों से उपयोगी है :

1. विभिन्न क्षेत्रों के लिए उचित फसलों का चयन ।

2. वर्षा पर निर्भर फसलों के लिए सबसे अधिक अनुकूल संवृद्धिजन्य मौसम का निर्धारण ।

3. अनावृष्टि – सहिष्णु फसल प्रभेदों का चयन ।