भारत के वाष्पन मानचित्र

कृषि जलवायवी जानकारी पर वापसी के लिए

                                                

विभिन्न स्टेशनों के लिए माध्य दैनिक वाष्पन आंकड़ों पर आधारित मासिक वाष्पन मानचित्र उपलब्ध है । ये आंकड़ें विभिन्न कृषि जलवायवी क्षेत्रों पर सिंचाई और जल प्रबंध के लिए उपयोगी है । यह जानकारी सिंचाई अनुसूची से जल संतुलन अध्ययनों तक विभिन्न उद्देश्यों के लिए शस्य विज्ञानियों, जल विज्ञानियों, जल मौसम विज्ञानियों, कृषि मौसम विज्ञानियों, समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारियों, सिंचाई अभियंताओं जैसे वाष्पन आंकड़ें उपयोगकर्ताओं की दीर्घकालीन आवश्यकताओं को पूरा करेगी ।

जलवायवी मानचित्र बनाने के लिए 176 वेधशालाओं के घने संजाल से वाष्पन आंकड़ों का उपयोग किया गया है । वेधशालाओं की बडी संख्या से प्राप्त आंकडों के अलावा ये मानचित्र वाष्पन आंकड़ों के दीर्घावधि औसत (अर्थात 12-26 वर्ष) पर आधारित है और इसीलिए प्राचलों के स्थानिक तथा कालिक वितरण की बहुत अच्छी जानकारी देते हैं । प्रस्तुत मानचित्र सभी बारह महीनों (जनवरी ,फरवरी ,मार्च ,अप्रैल,मई ,जून,जुलाई ,अगस्त ,सितम्बर ,अक्तूबर ,नवम्बर और दिसम्बर) के लिए माध्य दैनिक वाष्पन (मि.मी.) के औसतों,,मौसमी (जून-सितम्बर) ,and और औसत वार्षिक कुल वाष्पन (सें.मी.) पर आधारित है । वाष्पन का अभिलेखन दिन में दो बार वायर मैश अच्छादित क्लास ए पैन वाष्पनमापी से किया जाता है ।