भूमण्डलीय सौर विकिरण

कृषि जलवायवी जानकारी पर वापसी

                                              

फसल उत्पादन वास्तव में सौर विकरण का दोहन है । सौर विकिरण प्रकाशसंश्लेषण के लिए अति आवश्यक है । यह पौधों के विचित्र अवयवों के बीच प्रकाश संश्लेषण का वितरण नियमित करता है । यह किसानों के उत्पादन, पौधे के तनों की स्थिरता, बल और लम्बाई को, उपज और जल विकास को भी प्रभावित करता है । पौध संवृद्धि की कई क्रांतिक अवस्थाएं हैं जहां सौर विकिरण विशेषतया महत्वपूर्ण है । वर्ष के विभिन्न महीनो के लिए देश के (अहमदाबाद, , कोलकताजोधपुर , कोडायकैनाल , चेन्नई , मैंगलोर , नागपूर , नई दिल्ली , पुणे , तिरुवनंतपुरम और विशाखापट्टनम जैसे कुछ चुनिंदा स्टेशनों के लिए भूमण्डलीय सौर विकिरण ।