Observational Organization


ओस मापन स्टेशन


ओस पतन, पौधों, को पानी avialable के एक द्वितीयक स्रोत संयंत्र विकास, विशेष रूप से शुष्क और -शुष्क क्षेत्रों में में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।यह अप्रैल से सितंबर से 76 वेधशालाओं द्वारा मापा जाता है

कृषि मौसम विज्ञान वेधशाला


आई.एम.डी. की तकनीकी सहायता से देश के विभिन्न संस्थाओं एवं सरकारी विभागों में 264 कृषि मौसम विज्ञान वेधशालाएं स्थापित की गई है ।

पवन-सूचक गुब्बारा –सह-मौसम विज्ञान स्टेशन


उत्तर पश्चिम भारत में, 7 पवन सूचक गुब्बारा-सह-मौसम विज्ञान वेधाशालाएं, कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित टिड्डी विरोधी संक्रियाओं के लिए निम्न स्तर पवन आंकड़ें प्रदान करते हैं ।

मृदा आर्द्रता प्रेक्षणीय संजाल


ओस, पौधों के लिए उपलब्ध जल का गौण स्त्रोत है जो पौध संवृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, विशेषतया शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में, इसका मापन सितम्बर से अप्रैल तक 76 वेधशालाओं द्वारा किया जाता है ।

वाष्पन


भारत में 219 स्थलों पर यू.एस. क्लास ‘ए’ पैन वाष्पनमापी द्वारा वाष्पन मापन किया जाता है।

वाष्पोत्सर्जन स्टेशन


42 स्टेशनों पर फसल पर्यावरण में भारात्मक/आयतन लाइसीमीटरों से वाष्पोत्सर्जन मापन किया जाता है ।